दूसरों को समझाने के लिए अनेकों शास्त्र ,दर्शन ,तथा ज्ञान विज्ञान के ग्रन्थों को पढ़ने की आवश्यकता होती है! परन्तु स्वयं को समझाने के लिए उन सभी पर दृढ विश्वास और उनका आचरण करना होता है !
इस दु:खभरी दुनिया में दो ही चीजें हैं -प्रसन्नता से आनंदित होकर गाओ अथवा दु:खों से पीड़ित होकर रोओं! जिंदगी प्रसन्नता का दूसरा नाम है !हर क्षण ,हर पल मुस्कराने का नाम जीवन है !