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parampujy Guruvar Sudhanshuji Maharaj ka Shishay

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Wednesday, May 16, 2012

गुरुवाणी 15-5-2012

गुरुवाणी  
उपाधियाँ आदमी के जीवन को नष्ट करती हैं !समानता की दृष्टी हो जाय तो आदमी दुर्व्यवहार नहीं करता !
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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज



आज का जीवन सूत्र १६-५-२०१२

आज का जीवन सूत्र-१६-५-२०१२ 
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जिंदगी को आनंदमयी बनाने के लिये चार चीजे याद रखो :-
अर्ज :- भगवान् के दरबार में अपनी अर्जी लगाते रहो !
मर्ज:- तन में मर्ज रहने मत् दो !
फर्ज:-अपना फर्ज निभाते रहो !
कर्ज:- सिर पर कर्ज चढ़ने मत् दो !

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Sunday, May 13, 2012

Fwd: [jigyasa aur samadhan] जीवन के लिए सब से महत्त्वपूर्ण कया हे



---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga <mggarga@gmail.com>
Date: 2012/5/13
Subject: [jigyasa aur samadhan] जीवन के लिए सब से महत्त्वपूर्ण कया हे
To: mggarga@gmail.com


प्रशन :-जीवन के लिए सब से महत्त्वपूर्ण  कया हे 
पूज्य गुरुदेव :-
मनुष्य के गुण उसके जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं ! संपत्ति तो संसार मैं ही रह जायेगी यहीं कमाई जाती है , लेकिन गुण तो जन्म जन्मानतर तक काम आयेंगे !आपका स्वच्छ अंतर्मन , निर्मल स्वभाव इस दुनिया मैं भी आपको सुखी करेगा और अगली दुनिया मैं भी सुखी करेगा !सजी हुई आत्मा आपको उच्च  सिंहासन पर बैठाएगी !आपका निर्मल ह्रदय परम प्रभु का आसन बनेगा ! आपके मन में उठती हुई भावनये आपको अपने प्रभु का चिंतन करने के लिए तत्पर करेगी ! इसलिए दुनिया की कोई भी दौलत इतनी महत्वपूर्ण नहीं है जितने गुण !


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Posted By Madan Gopal Garga to jigyasa aur samadhan at 5/13/2012 08:04:00 PM

Friday, May 11, 2012

bhala sochun

he guruvar main hamesha bhala sochun ,bhala dekhoon , bhalaa sunu , bhalaa bolun , bhalaakaroon 
aiasa asheervad do prabhu 

Wednesday, May 9, 2012

जिग्यासा और समाधान धन आता हे और चला जाता है



जिग्यासा और समाधान 
प्रशन :-
हम प्रयास बहुत   करते हैं लेकिन  कमाई मैं बरकत नहीं होती है !धन आता हे और चला जाता है ! कारण समझ में नहीं आता !कृपया  मार्गदर्शन करें !
गुरुदेव :-
पुराणों में वर्णन आता हे कि किन -किन कारणों से लक्ष्मी ऐक द्वार से आकर दूसरे से निकल जाती है !पुराणों मैं कहते हें कि जिस घर में कलह-कलेश हो ,महिला अपने नैनो से आंसू बहाती रहें और पुरुश अपना रोब दिखाते रहें ! घर की व्यवस्था ठीक न हो , घर में वस्त्र मैले हों ,वाणी मैली हो ,और वस्तुएँ  बिखरी पडी हों ,बच्चे बडों का सम्मान न करें ,और संसार के मालिक का नाम न लिया जाता हो , अपने हातों से पवित्र सेवा कार्य न होता हो ,उस घर मैं लक्ष्मी का बास नहीं होता ! अपने अधिक परिश्रम से अगर कोई लक्ष्मी घर मैं ले भी आए तो वहां बरकत नहीं होती !


Tuesday, May 8, 2012

गुरु ज्ञान की गंगा

गुरु ज्ञान की गंगा 
बहती रहे दिन रात !
गोता जिसने भी लगाया 
वह हो गया भाव से पार !!

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