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parampujy Guruvar Sudhanshuji Maharaj ka Shishay

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Monday, July 20, 2015

Fwd:





कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम्।
सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि।।
ॐ【देवा-धी देव महादेव की जय हर हर महादेव 】ॐ


Sunday, July 19, 2015

इंसान पदार्थो का





इंसान पदार्थो का बहुत महत्व मानने लग जाता है। ज्ञान की बडी-बडी बातें भी करता है, लेकिन प्राप्ति तब होती है जिस दिन यह अहसास हो जाता है कि पदार्थ दिए हैं मालिक ने खेल करने के लिए, मालिक ले भी सकता है। लेकिन मुझे पदार्थ के पीछे नहीं भागना है, मालिक को ही पकड़ लेना है।

Saturday, July 18, 2015

छोड़ना मत



  • भगवान को भूलना मत ,

  • सत्य को छोड़ना मत ,

  • संपति से फूलना मत ,

  • विपत्ती मैं मुरझाना मत ,

  • परमार्थ सेवा करने  से रुकना मत !

Friday, July 17, 2015

कर्म का फल






परम पूज्य सुधांशुजी महारा

कर्म का फल कबही नहीं मिलता ! कर्म के पीछे की भावना के अनुसार फल मिलता है ! जैसी भावना होगी फल वैसा ही मिलेगा !

Thursday, July 16, 2015




"बड़ी चीज़ हाथ में  आ जाए तो छोटी को फेंकना नहीं । तलवार हाथ में आ जाए तो सुई को नहीं फेंकना । बड़े लोग तुम्हें मिल जायें तो छोटे को भूलना नहीं । पता नहीं बड़ा कब आये और कब दूर हो जाए, लेकिन जो छोटा है, वह एक बार किसी का हो जाए तो फिर दूर नहीं जाता है। साधारण लोग भी बड़े महत्वपूर्ण होते है। जिनको आप बहुत बड़ा कहते है, उनके अन्दर बड़प्पन का अहंकार भरा रहता है और पैसे के कारण वे बड़े आदमी कहलाते है। पैसा छाया के समान है। छाया घटती  बढ़ती रहती है। इसलिए छाया की तरफ ध्यान न देकर उसकी तरफ ध्यान दो, जिसके कारण यह छाया बढ़ती और घटती है।"

बाजार में जाते समय



बाजार में जाते समय बहुत तरह की चीज़े देखते हैं , कुछ आकर्षक हैं तो कुछ सामान्य्।

किसी का अच्छा मकान देखकर, मन में विचार आया होगा कि मुझे अवसर मिले तो ऐसा ही मकान मै भी बनाऊँगा । आकर्षक जेवर देखकर प्रायः महिलाओं के मन में भावना आती है कि कभी पैसे होंगें, अवसर आएगा तो जरुर ऐसे जेवर बनवाएंगे। रास्ते के कूड्रे  कचरे को देखकर आपके मन में कभी कोई आकर्षण पैदा नहीं होता, बल्कि उसे उपेक्षा से देखते है। उधर से ध्यान हटा लेते है, उसे आप कभी भी याद नहीं रखना चाहते। जिसे आप याद नहीं रखना चाहते उसे आप उपेक्षा से देखते है। संसार को भी उपेक्षा से देखिए। अन्यथा इस संसार में जहां भी चलेंगे, जिसे भी देखेंगे, उसकी धूल आपके अन्तःकरण पर जरूर पडेगी और फिर वह खींचकर पूरी तरह से संसार की तरफ ले जाएगी।

Paropkaar



 

1. Paropkaar bohota baara yagya hai

2. Ek dusare ke kaam aana he jiwan hai aur Use Bharat khand mai SANASKRITIkahaa gaya hai 

Wednesday, July 15, 2015

कमजोर मनशक्ति






परम पूज्य सुधांशुजी महारा

१. कमजोर मनशक्ति ही अंधविश्वास क़ा बहुत बड़ा कारण है

२. मनुष्य को ज्यादा भाग्यवादी नहीं बनना चाहिए वरना उसकी कर्म करने की शक्ति कमजोर हो जाती है और वह आगे नहीं बढ़ पाता

मन के आदत

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परम पूज्य सुधांशुजी महारा

मन के आदत हे पिसे को और पीसता रहता हे और जब आटा पिसते पिसते ख़तम हों जाता हे तो फिर वह हम को पीसता हे !

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