जो है जैसा है जितना है, उतने को पाकर के परमात्मा का धन्यवाद करना शुरू करें ।
परम पूज्य सुधांशुजी महाराज
गुरुकृपा का अर्थ यह नहीं की जीवन में दुःख न आए, लेकिन दुःख में भी आप दुखी न हों...वह समय कब बीत जाए आपको पता न चले.. यही हे गुरुकृपा।
---
---
Sent by WhatsApp
मुस्कराहट से बढ़कर सौंदर्य कोई नहीं हो सकता। प्रसनन्ता ही सबसे बड़ा सौंदर्य है।
परम पूज्य सुधांशुजी महाराज