Blog Archive

About Me

My photo
parampujy Guruvar Sudhanshuji Maharaj ka Shishay

Labels

Subscribe to Deciples-of-Sudhanshujimaharaj

Powered by us.groups.yahoo.com

WELCOME

YOU ARE WELCOME TO THIS BLOG

PLEASE VISIT UP TO END OF THE BLOG

Wednesday, October 21, 2015

मनुष्य जीवन

मनुष्य जीवन का उद्देश्य अपने आपको जानना और प्रभु को पाना है।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Tuesday, October 20, 2015

दुनिया नहीं

आज का जीवन सूत्र
To SEE MORE POSTINGS(AAJ KA VICHAR) VISIT BLOGS 
दुनिया नहीं बदला करती तुम को अपने आपको बदलना होता है !

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

दुनिया नहीं

आज का जीवन सूत्र
To SEE MORE POSTINGS(AAJ KA VICHAR) VISIT BLOGS 
दुनिया नहीं बदला करती तुम को अपने आपको बदलना होता है !

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Sunday, October 18, 2015

Fwd: Watap


received from a friend

गुरु मेरी पूजा , गुरु गोविन्द ..
गुरु मेरा पार ब्रह्म , गुरु भगवंत..
गुरु मेरा देऊ , अलख अभेऊ , सर्व पूज चरण गुरु सेवऊ
गुरु मेरी पूजा , गुरु गोविन्द , गुरु मेरा पार ब्रह्म , गुरु
भगवंत..
गुरु का दर्शन .... देख - देख जीवां , गुरु के चरण धोये -
धोये पीवां..
गुरु बिन अवर नही मैं ठाऊँ , अनबिन जपऊ गुरु गुरु नाऊँ
गुरु मेरी पूजा , गुरु गोविन्द , गुरु मेरा पार ब्रह्म , गुरु
भगवंत..
गुरु मेरा ज्ञान , गुरु हिरदय ध्यान , गुरु गोपाल पुरख
भगवान्
गुरु मेरी पूजा , गुरु गोविन्द , गुरु मेरा पार ब्रह्म , गुरु
भगवंत..
ऐसे गुरु को बल-बल जाइये .. आप मुक्त मोहे तारें..
गुरु की शरण रहो कर जोड़े , गुरु बिना मैं नही होर
गुरु मेरी पूजा , गुरु गोविन्द , गुरु मेरा पार ब्रह्म , गुरु
भगवंत..
गुरु बहुत तारे भव पार , गुरु सेवा जम से छुटकार
गुरु मेरी पूजा , गुरु गोविन्द , गुरु मेरा पार ब्रह्म , गुरु
भगवंत..
अंधकार में गुरु मंत्र उजारा , गुरु के संग सजल निस्तारा
गुरु मेरी पूजा , गुरु गोविन्द , गुरु मेरा पार ब्रह्म , गुरु
भगवंत..
गुरु पूरा पाईया बडभागी , गुरु की सेवा जिथ
ना लागी
गुरु मेरी पूजा , गुरु गोविन्द , गुरु मेरा पार ब्रह्म , गुरु
भगवंत..


Saturday, October 17, 2015

जंगल में रहो

To SEE MORE POSTINGS(AAJ KA VICHAR) VISIT BLOGS 
जंगल में रहो या बस्ती में जहां भी रहो रहो मस्ती में !

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Friday, October 16, 2015

मनुष्य के जीवन

"मनुष्य के जीवन में सबसे पहले यह आवश्यक है कि हर समय प्रभु के अस्तित्व का एहसास हमारे मन में बना रहे। मन में ये प्रश्न हमेशा उठते रहें। इन बहती हुई

नदियों को बहाने वाला कौन है ? रंग-बिरंगी तितलियों के पंखों को कौन रंगता है? कौन है जो इस चन्द्रमा में मुस्कुराता है? किसका प्रकाश सूर्य के द्वारा संसार में फैलता है?

असंख्य जीवों को जन्म कौन देता है? कौन सबको भोजन देता है? फूलों में रंग कौन भरता है? पर्वत किसनेबनाए? आकाश को सितारों से कौन सजाता है? 

ऐसे अनेक प्रश्नों को मन में पैदा होने दीजिए । इससे आपके मन में ईश्वर के प्रति भावना जागेगी। आपका उनके प्रति विश्वास बढेगा।

 

परम पूज्य सुधाँशुजी महाराज

Fwd:


---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga <mggarga2013@gmail.com>
Date: 2015-10-16 14:57 GMT+05:30
Subject:
To: Madan Gopal Garga <mggarga@gmail.com>


.               " घंटा "                .
.      "स्टॅटिक डिस्चार्ज यंत्र"      .

मंदिरात प्रवेश करतांना
मोठी घंटा बांधलेली असते.
प्रवेश करणारा
प्रत्येक भाविक
प्रथम घंटानाद करतो
आणि
नंतरच
मंदिरात प्रवेश करतो.

काय असेल यामागचे कारण ?

यामागे आहे
एक शास्रीय कारण,
जेव्हा आपण
त्या घंटेच्या खाली उभे राहून
मान वर करून
हात उंचावून
घंटा वाजवतो
तेव्हा
प्रचंड निनाद होतो 
हा ध्वनी
330 मिटर प्रती सेकंद
ह्या वेगाने
आपल्या उगम स्थानापासून
दुर जात असतो
ध्वनीची ही शक्ती
कंपनांच्या माध्यमातून
प्रवास करत असते
आपण नेमके
घंटेच्या खाली उभे असतो
ध्वनीचा निनाद
आपल्या
सहस्राचक्रातून प्रवेश करून शरिरमार्गे
जमीनीकडे प्रवास करतो
हा प्रवास करत असतांना
आपल्या मनात (मस्तकात) चालणारे असंख्य विचार
चिंता काळजी यांना
आपल्यासोबत घेवून जात असतो आपण
निर्वीचार अवस्थेमध्ये जेव्हा परमेश्वरासमोर जातो
तेव्हा
आपल्या मनातील भाव शुद्ध स्वरूपात परमेश्वरापर्यंत
निश्चितच पोहचतो.

म्हणून मंदिरात प्रवेश करतांना घंटानाद जरुर करा
आणि
थोडा वेळ त्या ध्वनीचा आनंद घ्या.
तुम्ही चिंतामुक्त व शुचिर्भूत व्हाल.
मन दिव्य ऊर्जा ग्रहण करण्यास तयार होईल.
देव नावाच्या
दिव्य गाभा-यातील
दिव्य ऊर्जा शक्ती
तुमचं मन ग्रहण करेल.
तुम्ही प्रसन्न व्हाल
🔔🔔🔔🔔🔔🔔 🔔🔔
✋✋✋✋✋✋✋✋


Thursday, October 15, 2015

जो है जैसा

जो है जैसा है जितना है, उतने को पाकर के परमात्मा का धन्यवाद करना शुरू करें । 

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज 

Wednesday, October 14, 2015

आपका वास्तविक

आपका वास्तविक रूप है शान्ति। हर पल शान्ति में, प्रसन्न्ता में बिताने की कोशिश करें ।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

amazon code

AdSense code

Visitor Count

THANKS

YHANKS FOR YOUR VISIT