Blog Archive
- ► 2015 (291)
- ► 2014 (568)
- ► 2012 (378)
- ► 2011 (290)
About Me
Labels
- 20th anivarsary ki sabhi bhakton (1)
- 24 घंटे में 24 मिनिट (1)
- Alphabet of Happiness... (1)
- Anand Dham Ashram - Paradise of Spirituality in Delhi (1)
- apni vaani ki dhaar ko chupane (1)
- bhala sochun (1)
- birthday calender (1)
- Diwali Pooja at the Amazing temple (1)
- Durga Maa (1)
- Festivals (1)
- Festivals Date Day (1)
- ganapati (1)
- ganpati (1)
- GOLDEN TEMPLE.......HEAVEN ON EARTH (1)
- guru mantra (1)
- guru stuti (1)
- GURU VANDANA (1)
- gurudev (1)
- GURUVAR KI AMRITVAANI] (1)
- hanumanji (1)
- Happy Ganesh Chaturthi (1)
- Happy Home (1)
- happy new year (1)
- join (1)
- LoveToLordKrishn a Ganesh (1)
- LUCKY GANESHA (1)
- maa sarswati (1)
- Manali Sadhna shiver (1)
- New photo (1)
- Om sai ram ji (1)
- Param Pujya Shri Sudhanshuji Maharaj ke amrit (1)
- prarthana-4 (1)
- prath mantra (1)
- Radha Krishan (1)
- Re: Sai Amrit Vani (1)
- SABSE STHAYI VASTU KYA HAI? (1)
- SADGURU CHALISA (1)
- Sadguru se bdhkar (1)
- saeswati mantra (1)
- sarswati maa (1)
- sheron vali maa (1)
- sidhi vinayak mandir (1)
- sudhanshuji maharaj at bhilai steel plant (1)
- three devis (1)
- Twelve Jyotirlingas of Lord Shiva (1)
- wishing u a happy makkar sakranti (1)
- ॐ तत्पुरुषाय (1)
- ॐ श्री गणेशाये नमः .. (1)
- आज का जीवन सूत्र १६-५-२०१२ (1)
- आज का जीवन सूत्र २८ - ७ -११ (1)
- आज का जीवन सूत्र-१-३-२०१२ (1)
- आज का जीवन सूत्र-१३-४-२०१२ (1)
- आज का जीवन सूत्र-१४-४-२०१२ (1)
- आज का जीवन सूत्र-१५-४-२०१२ (1)
- आज का जीवन सूत्र-१६-४-२०१२ (1)
- आज का जीवन सूत्र-१७-४-२०१२ (1)
- आज का जीवन सूत्र-२३-५-२०१२ (1)
- आज का जीवन सूत्र-२५-४-२०१२ (1)
- आज का जीवन सूत्र-२८-२-२०१२ (1)
- आज का जीवन सूत्र-२९-१०-२०११ (1)
- आज का जीवन सूत्र-३-३-२०१२ (1)
- आज का जीवन सूत्र-३०-१०-२०११ (1)
- आज का जीवन सूत्र-५-४-२०१२ (1)
- आज का जीवन सूत्र-७-४-२०१२ (1)
- आज का जीवन सूत्र-८-४-२०१२ (1)
- आज का जीवन सूत्र१९-५-२०१२ (1)
- आज का विचार - 11/4/12 (1)
- आज का विचार - 2/4/12 (1)
- आज का विचार - 25/4/12 (1)
- आज का विचार - 3/3/12 (1)
- आज का विचार - 31/3/12 (1)
- आज का विचार - 4/25/12 (1)
- आज का विचार - 6/4/12 (1)
- आज का विचार - 7/27/11 (1)
- आज का विचार -15/4/12 (1)
- आज का विचार -29/10/11 (1)
- आज का विचार 20/4/12 (1)
- आप सबको बहुत - बहुत शुभकामनाएं (1)
- आशीर्वाद देता हूँ (1)
- इच्छा (1)
- उपयोगी बातें (1)
- कर्म और भाग्य दोनो अलग अलग हें (1)
- गणपति / हनुमान चालीसा (1)
- गणपति जी के सहस्त्रनाम (1)
- गुरु चरण (1)
- गुरु ज्ञान की खान है (2)
- गुरु ज्ञान की गंगा (1)
- गुरु वाणी (1)
- गुरुवाणी 15-5-2012 (1)
- गुरुवार सुधान्शुजी महाराज एवव गुरुमाता (1)
- गुर्रु ब्रह्मा गुर्रु (1)
- जब मन में सन्तुष्टी हो (1)
- जबतक पुरानापन (1)
- जय श्री राम (1)
- जीवन के लिए सब से महत्त्वपूर्ण कया हे (1)
- जैसे दिन को सजाता है (2)
- जो बात दुआ (1)
- जो सहज प्राप्त होता है (1)
- ज्ञानोदय (1)
- तर्क और प्यार (1)
- तू मिट्टी से इंसान बनाता (1)
- तेरे दर्शन को प्यासी है ये मेरी अखियाँ (1)
- दया धर्म का मूल हे पाप मूल अभिमान (1)
- दुर्गा माँ (1)
- दुर्गा मां (1)
- दुर्गाजी एवं दुर्गाचालीसा (1)
- दूसरों को चोट पहुँचाने (1)
- दो अक्षर का प्यारा नाम (1)
- धन आता हे और चला जाता है (1)
- धर्म और अधर्म (1)
- धुल गुरु के चरणों (1)
- पूज्य गुरुदेव (1)
- पूज्य गुरुवर (1)
- प्रशन आपके उत्तर गुरुदेवके-1 (1)
- प्रारथना---- (1)
- प्रार्थना (1)
- बहुत जरुरी है (1)
- बालाजी (1)
- भगवन (1)
- भगवान का नियम (1)
- भविष्य जानने की कोशिश मत करो (1)
- मनुष्य और ईश्वर (1)
- मनुष्य की प्रत्येक इन्द्रिय का अपना धर्म है (1)
- माँ गायत्री (1)
- माँ लक्ष्मी (1)
- मित्रता होना आसान (1)
- यदि किसी को कुछ दे दिया (1)
- या देवी सर्व भूतेषु (1)
- राधा कृष्ण (1)
- राम दरबार (1)
- लिया नाम जिसने भी शिवजी का मन से (1)
- विष्णु भगवन (1)
- शांति की इच्छा (1)
- शिव चालीसा (1)
- श्री कृष्ण एवं चालीसा (1)
- श्री शिव शंकर जी की आर (1)
- सफलता (1)
- सबसे खतरनाक वस्तु ---- (1)
- सरस्वती माँ (1)
- सर्वार्थ साधिके। (1)
- संसार में समय को (1)
- साईं बाबा (2)
- साईंबाबा (1)
- हनुमानचालीसा (1)
- हनुमानजी (1)
- हे गुरुवार (1)
- हे गुरुवार (1)
WELCOME
YOU ARE WELCOME TO THIS BLOG
PLEASE VISIT UP TO END OF THE BLOG
Sunday, August 26, 2012
Monday, August 20, 2012
Sunday, August 19, 2012
पुरुषोत्तम मास
पुरुषोत्तम मास का दूसरा नाम मल मास है | 'मल' कहते हैं पाप को और 'पुरुषोत्तम' नाम है भगवान् का | इसलिए हमें इसका अर्थ यों लगाना चाहिए की पापों को छोडकर भगवान पुरुषोत्तम में प्रेम करें और वो ऐसा करें की इस एक महीने का प्रेम अनंत कालके लिए चिरस्थायी हो जाए | भगवान में प्रेम करना ही तो जीवन का परम-पुरुषार्थ है, इसी केलिए तो हमें दुर्लभ मनुष्य जीवन और सदसद्विवेक प्राप्त हुआ है | हमारे ऋषियों ने पर्वों और शुभ दिनों की रचना कर उस विवेक को निरंतर जागृत रखने के लिए सुलभ साधन बना दिया है, इसपर भी यदि हम ना चेतें तो हमारी बड़ी भूल है |
इस पुरुषोत्तम मास में परमात्मा का प्रेम प्राप्त करनेके लिए यदि सबही नर-नारी निम्नलिखित नियमों को महीनेभर तक सावधानी के साथ पालें तो उन्हें बहुत कुछ लाभ होने की संभावना है |
१. प्रात:काल सूर्योदय से पहले उठें |
२. गीताजी के पुरुषोत्तम-योग नामक १५ वे अध्याय का प्रतिदिन श्रद्धा पूर्वक पाठ करें | श्रीमद भागवत का पाठ करें, सुनें | संस्कृत के श्लोक ना पढ़ सकें तो अर्थों का ही पाठ करलें |
३. स्त्री-पुरुष दोनों एक मतसे महीनेभर तक ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करें | जमीनपर सोवें |
४. प्रतिदिन घंटे भर किसी भी नियत समयपर मौन रहकर अपनी-अपनी रूचि और विश्वास के अनुसार भगवान् का भजन करें |
५. जान-बूझकर झूठ ना बोलें | किसीकी निंदा ना करें |
६. भोजन और वस्त्रों में जहां तक बन सके, पूरी शुद्धि और सादगी बरतें | पत्तेपर भोजन करें, भोजन में हविष्यान्न ही खाएं |
७. माता,पिता,गुरु,स्वामी आदि बड़ों के चरणोंमें प्रतिदिन प्रणाम करें | भगवान पुरुषोत्तम श्रीकृष्ण की पूजा करें|
पुरुषोत्तम मास में दान देनेका और त्याग करनेका बड़ा महत्त्व माना गया है, इसलिए जहां तक बन सके, जिसके पास जो चीज़ हो वाही योग्य पात्र के प्रति दान देकर परमात्मा की सेवा करनी चाहिए | त्याग करनेमें तो सबसे पहले पापों का त्याग करना ही जरूरी है | जो भाई या बहन हिम्मत करके कर सकें, वे जीवन भर के लिए झूठ, क्रोध और दूसरों की जान-बूझकर बुराई करना छोड़ दें |
जीवन भर का व्रत लेनेकी हिम्मत ना हो सकें तो जितने अधिक दिनों का ले सकें, उतना ही लें | परन्तु जो भाई-बहन दिलकी कमजोरी, इन्द्रियों की आसक्ति, बुरी संगती अथवा बिगड़ी हुयी आदत के कारण मांस खाते हैं और मदिरा-पान करते हैं तथा पर-स्त्री और पर-पुरुष से अनुचित संबंध रखते हैं, उनसे तो हम हाथ-जोड़कर प्रार्थना करते हैं की वे इन बुराईयोंको सदा के लिए छोडकर दयामय प्रभुसे अब तक की भूल के लिए क्षमा मांगे |
जो भाई-बहन ऊपर लिखे सातों नियम जीवन-भर पाल सकें तो पालने की चेष्ठा करें, कम-से-कम चातुर्मास नहीं तो पुरुषोत्तम महीने भर तक तो जरूर पालें और भविष्य में सदा इसे पालने के लिए अपनेको तैयार करें | अपनी कमजोरी देखकर निराश ना हों, दया के सागर और परम करुनामय भगवान का आश्रय लेनेसे असंभव भी संभव हो जाता है* |
*जितने नियम कम-से-कम पालन कर सकें उतने अवश्य ही पालें |
- Hanuman Prasadji Poddar - Bhaiji
४. प्रतिदिन घंटे भर किसी भी नियत समयपर मौन रहकर अपनी-अपनी रूचि और विश्वास के अनुसार भगवान् का भजन करें |
५. जान-बूझकर झूठ ना बोलें | किसीकी निंदा ना करें |
६. भोजन और वस्त्रों में जहां तक बन सके, पूरी शुद्धि और सादगी बरतें | पत्तेपर भोजन करें, भोजन में हविष्यान्न ही खाएं |
७. माता,पिता,गुरु,स्वामी आदि बड़ों के चरणोंमें प्रतिदिन प्रणाम करें | भगवान पुरुषोत्तम श्रीकृष्ण की पूजा करें|
पुरुषोत्तम मास में दान देनेका और त्याग करनेका बड़ा महत्त्व माना गया है, इसलिए जहां तक बन सके, जिसके पास जो चीज़ हो वाही योग्य पात्र के प्रति दान देकर परमात्मा की सेवा करनी चाहिए | त्याग करनेमें तो सबसे पहले पापों का त्याग करना ही जरूरी है | जो भाई या बहन हिम्मत करके कर सकें, वे जीवन भर के लिए झूठ, क्रोध और दूसरों की जान-बूझकर बुराई करना छोड़ दें |
जीवन भर का व्रत लेनेकी हिम्मत ना हो सकें तो जितने अधिक दिनों का ले सकें, उतना ही लें | परन्तु जो भाई-बहन दिलकी कमजोरी, इन्द्रियों की आसक्ति, बुरी संगती अथवा बिगड़ी हुयी आदत के कारण मांस खाते हैं और मदिरा-पान करते हैं तथा पर-स्त्री और पर-पुरुष से अनुचित संबंध रखते हैं, उनसे तो हम हाथ-जोड़कर प्रार्थना करते हैं की वे इन बुराईयोंको सदा के लिए छोडकर दयामय प्रभुसे अब तक की भूल के लिए क्षमा मांगे |
जो भाई-बहन ऊपर लिखे सातों नियम जीवन-भर पाल सकें तो पालने की चेष्ठा करें, कम-से-कम चातुर्मास नहीं तो पुरुषोत्तम महीने भर तक तो जरूर पालें और भविष्य में सदा इसे पालने के लिए अपनेको तैयार करें | अपनी कमजोरी देखकर निराश ना हों, दया के सागर और परम करुनामय भगवान का आश्रय लेनेसे असंभव भी संभव हो जाता है* |
*जितने नियम कम-से-कम पालन कर सकें उतने अवश्य ही पालें |
- Hanuman Prasadji Poddar - Bhaiji
Thursday, August 16, 2012
Fwd: [HamareSaiBaba] Sai Vachan
---------- Forwarded message ----------
From: Maneesh Bagga <maneeshbagga@saimail.com>
Date: 2012/8/16
Subject: [HamareSaiBaba] Sai Vachan
To: hamare sai <hamaresaibaba@googlegroups.com>, shirdi-sai-baba-sai-satcharitra@googlegroups.com
From: Maneesh Bagga <maneeshbagga@saimail.com>
Date: 2012/8/16
Subject: [HamareSaiBaba] Sai Vachan
To: hamare sai <hamaresaibaba@googlegroups.com>, shirdi-sai-baba-sai-satcharitra@googlegroups.com
प्रेम तथा भक्तिपूर्वक भेंट
Click & Read
Monday, August 13, 2012
Thursday, August 9, 2012
Tuesday, August 7, 2012
या देवी सर्व भूतेषु शाब्ती रूपेंण संसिथा ! नमस्तस्ये नमस्तस्ये नमस्तस्ये नमो नम ;
या देवी सर्व भूतेषु शाब्ती रूपेंण संसिथा !
नमस्तस्ये नमस्तस्ये नमस्तस्ये नमो नम ;
श्रीमत परं ब्रह्म गुरुं स्मरामि , श्रीमत परं ब्रह्म गुरुं नमामि !
श्रीमत परं ब्रह्म गुरुं स्मरामि ,
श्रीमत परं ब्रह्म गुरुं नमामि !
Monday, August 6, 2012
Subscribe to:
Posts (Atom)
amazon code
AdSense code
Visitor Count
THANKS
YHANKS FOR YOUR VISIT
